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Saturday, March 31, 2012

जीवन स्वर्ण


जीवन स्वर्ण से नहीं खरीदा जा सकता ! रत्नों के ढेर उस क्षण को वापस नहीं ला सकते जो बीत गया ! इसलिये हर क्षण को अच्छे कार्य में बिता ! मछली कांटा लगे चोर को नहीं निगलती ,शेर बिछाये गये जाल में न फंसता यदि वह जानता होता ! अच्छी तरह याद रखो शरीर के नश्ट होने के बाद् भी तुम्हे जीवित रहना हे !