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Saturday, August 7, 2010

क्रोध को जीवन मे स्थान न दे


हरी ॐ

क्रोध को जीवन मे स्थान न दे ।

जैसे सूखे पेड़ को पक्षी छोड़ कर चले जाते है इसी तरह क्रोधी व्यक्ति को भी लोग छोड़ कर दूर हो जाते है । बात - बात मे भड़क जाने वाले व्यक्ति से हर कोई बात करने से कतराता है ।

Thursday, August 5, 2010

हरी ॐ


जीवन में जब तक विवेक का ब्रेक नहीं होगा, तब तक इस दुनिया की घाटी में जीना बड़ा मुश्किल काम है। विवेक और साधना दोनों मिल जाएँ तो जीवन में चमत्कार होता है। विवेक तो रक्षा करता है और साधना आपके अंदर स्थिरता लाती है।

Wednesday, August 4, 2010

छिनना है तो दूसरों के


"छिनना है तो दूसरों के आंसू छीनो, देना चाहते हो तो दूसरो को मुस्कान दो।"

माता पिता


भारतीय संस्कृति मैं माता पिता को भगवान का स्थान दिया गया हे !सन्तान को चाहिए अपने माता पिता का ख़याल उसी तरह रखें जैसे बचपन मैं सन्तान की देखभाल माता पिता करते है !

Tuesday, August 3, 2010

रथ के दो पहियों की तरह


रथ के दो पहियों की तरह जीवन के दो पक्ष हैं - ज्ञान और योग - इनका मेल बिठाओ, नहीं तो जीवन एक ही जगह रुका रह जायेगा।

Monday, August 2, 2010

हरी ॐ


"बिना हरी नाम के दुखियारी सारी दुनिया"