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Friday, October 22, 2021

अपने बच्चों





अपने बच्चों को अमीर बनाने का प्रयास मत करो,उन्हें अमीर बनाने की विधी सिखा दो।

 

Do not try to make your kids rich; instead teach them the method to become rich.

Wednesday, July 7, 2021

भूलना सीखो

भूलना सीखो दुनियाँ की बातों को, भूलना सीखो किसी का भला कर दिया उसको और भूलना सीखो किसी ने कुछ अपशब्द कह दिए उसको।

 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Sunday, June 13, 2021

संग्रह के रोग को छोडकर

संग्रह के रोग को छोडकर भगवान की ओर जाने का प्रयास करें । उसकी कृपा मिल गई तो समझो सबकुछ मिल गया। यह हमेशा ध्यान रखें कि माल का संग्रह कर उसे सही-सलामत रखने में बहुत बड़ी चिंता होती है, जबकि माला फ़ेरकर प्रभु चिंतन करने में निश्चिंतता आती है। जहाँ निश्चिंतता है वही आनन्द और सुख-शांति है।

 

परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज  

Sunday, October 4, 2020

प्रेम वाला


प्रेम वाला इंसान ही दुनिया में निर्माण कर सकता है।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज  

Tuesday, August 25, 2020

प्रेम वाला

प्रेम वाला इंसान ही दुनिया में निर्माण कर सकता है।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज  

Wednesday, August 19, 2020

Photo from Madan Gopal Garga

आप कुछ नियम




परम पूज्य सुधांशुजी महारा


आप कुछ नियम बनाएँ। उन नियमों में एक नियम यह भी कि किसी को फ़ूल न दे सकें  मुस्कान तो हम जरूर देगें। किसी से बात करें तो बात की शुरुआत में मुस्कान पहले होनी चाहिए। हर बच्चे की सजावट उसकी मुस्कराहट है और इस दुनियाँ में हर फ़ूल की सजावट उसकी मुस्कराहट है। आपकी भी सजावट आपकी मुस्कराहट है तो अपनी मुस्कराहट को सजाइए। मुस्कराहट को लेकर घर से निकलिए, मुस्कराहट को लेकर घर में प्रवेश कीजिए। और देवताओं की आराधना करें तो मुस्करा कर करें और अपने गुरू को प्रणाम करें तो मुस्कान के साथ करें। अपने कर्मक्षेत्र में प्रवेश करें तो मुस्कराहट के साथ करें और जब अपने अन्न को देखें तो अन्न को भी मुस्कराकर देखिए। अपने घर भी जैसे पहली द्दर्ष्टि प्रवेश करते हुए डालते है तो मुस्कराहट की द्दर्ष्टि डालिए तो आप समझेंगे कि मनहूसियत निकलेगी और देवताओं की कृपा आपके घर में प्रवेश करेगी। 

Tuesday, June 16, 2020

*प्रकृति के तीन कड़वे नियम, जो सत्य है !!!*

*1. प्रकृति का पहला नियम :* यदि खेत में बीज न डालें जाएं, तो कुदरत उसे *घास-फूस* से भर देती हैं !! ठीक उसी तरह से दिमाग में *सकारात्मक* विचार न भरे जाएँ, तो *नकारात्मक* विचार अपनी जगह बना ही लेती है !! 
*2. प्रकृति का दूसरा नियम :* जिसके पास जो होता है, *वह वही बांटता है !!*
• सुखी *सुख* बांटता है !!
• दुःखी *दुःख* बांटता है !!
• ज्ञानी *ज्ञान* बांटता है !!
• भ्रमित *भ्रम* बांटता है !!
• भयभीत *भय* बांटता हैं !!
 *3. प्रकृति का तिसरा नियम :* आपको जीवन में जो भी मिले, उसे *पचाना* सीखो क्योंकि ;
• *भोजन* न पचने पर, रोग बढते है !!
• *पैसा* न पचने पर, दिखावा बढता है !!
• *बात* न पचने पर, चुगली बढती है !!
• *प्रशंसा* न पचने पर, अंहकार  बढता है !!
• *निंदा* न पचने पर, दुश्मनी बढती है !!
• *राज* न पचने पर, खतरा बढता है !!
• *दुःख* न पचने पर, निराशा बढती है !!
• *सुख* न पचने पर, पाप बढता है !! 

*बात कड़वी बहुत है, पर सत्य है !!!* 
        Kishor Jani

Thursday, March 12, 2020

आप क्या बोलते हैं, बच्चा वो नहीं सीखता। आप क्या करते हैं और क्या घर का माहौल है, बच्चा वह सीखता है।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Sunday, March 1, 2020

अपने सर्वश्रेष्ठ

अपने सर्वश्रेष्ठ सनय को जानें और उसका उपयोग करें ।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

Saturday, February 29, 2020

Respect

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

 Respect yourself and the world will respect you.

Monday, January 6, 2020

सरों की अच्छाई

दूसरों की अच्छाई तो देखो पर बुराई न देखो, वरना दुनियाँ हमारे लिए बुरी ही होगी।
 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Friday, January 3, 2020

जीवन संगीत है।




परम पूज्य सुधांशुजी महारा


जीवन संगीत है। सुर से बजाओगे तो बहुत अच्छा है, मधुर है और अगर सुर से भूल गए तो शोर है जीवनऔर उसको खुद भी नहीं सुन पाओगे दूसरे तो क्या सुनेगें ।

जीवन है चुनौती । नित नई नई चुनौती बनकर सामने आती हैं । जब आप बहादुर होकर चुनौती को स्वीकार करते हैं

तो वो कुछ न कुछ देकर ही जाएँगी, कुछ लाभ देंगी ।

Wednesday, October 16, 2019

Hare Krishna  .... 

*⭕ ​कर्मों का हिसाब देना पड़ता है 🤔*

*🔷 एक सेठ जी बहुत ही दयालु थे । धर्म-कर्म में यकीन करते थे ।*
*उनके पास जो भी व्यक्ति उधार मांगने आता*
*वे उसे मना नहीं करते थे ।*

*सेठ जी मुनीम को बुलाते और जो उधार मांगने वाला व्यक्ति होता उससे पूछते कि ​"भाई ! तुम* *उधार कब लौटाओगे ?​*

*​इस जन्म में या फिर अगले जन्म में ?"​*

*🔷 जो लोग ईमानदार होते वो कहते - "सेठ जी*
*हम तो इसी जन्म में आपका कर्ज़* *चुकता कर देंगे ।"*

*और कुछ लोग जो ज्यादा चालक व बेईमान होते वे कहते -* *"सेठ जी !*
*हम आपका कर्ज़ अगले जन्म में उतारेंगे ।"*

*और अपनी चालाकी पर वे मन ही मन खुश होते कि "क्या मूर्ख सेठ है !*

*अगले जन्म में उधार वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है ।"*

*ऐसे लोग मुनीम से पहले ही कह देते कि वो अपना कर्ज़ अगले जन्म में लौटाएंगे*

*और मुनीम भी कभी किसी से कुछ पूछता नहीं था ।*
*जो जैसा कह देता मुनीम वैसा ही बही में लिख लेता ।*

*🔷 एक दिन एक चोर भी सेठ जी के पास उधार मांगने पहुँचा ।*
*उसे भी मालूम था कि सेठ अगले जन्म तक के लिए रकम उधार दे देता है ।*

*हालांकि उसका मकसद उधार लेने से अधिक सेठ की तिजोरी को देखना था ।*

*चोर ने सेठ से कुछ रुपये उधार मांगे, सेठ ने मुनीम को बुलाकर उधार देने को कहा ।*

*मुनीम ने चोर से पूछा - "भाई !*
*इस जन्म में लौटाओगे या अगले जन्म में ?"*

*🔷 चोर ने कहा - "मुनीम जी ! मैं यह रकम अगले जन्म में लौटाऊँगा ।"*

*🔷 मुनीम ने तिजोरी खोलकर पैसे उसे दे दिए ।*

*चोर ने भी तिजोरी देख ली और तय कर लिया कि इस मूर्ख सेठ की तिजोरी आज रात में उड़ा दूँगा ।*

*वो रात में ही सेठ के घर पहुँच गया और वहीं भैंसों के तबेले  में छिपकर सेठ के सोने का इन्तजार करने लगा ।*

*अचानक चोर ने सुना कि भैंसे आपस में बातें कर रही हैं और वह चोर भैंसों की भाषा ठीक से समझ पा रहा है ।*

*🔷 एक भैंस ने दूसरी से पूछा - "तुम तो आज ही आई हो न, बहन !"*

*उस भैंस ने जवाब दिया - "हाँ, आज ही सेठ के तबेले में आई हूँ, सेठ जी का पिछले जन्म का कर्ज़ उतारना है और तुम कब से यहाँ हो ?"*

*उस भैंस ने पलटकर पूछा तो पहले वाली भैंस ने बताया - "मुझे तो तीन साल हो गए हैं, बहन ! मैंने सेठ जी से कर्ज़ लिया था यह कहकर कि अगले जन्म में लौटाऊँगी ।*

*सेठ से उधार लेने के बाद जब मेरी मृत्यु हो गई तो मैं भैंस बन गई और सेठ के तबेले में चली आयी ।*

*अब दूध देकर उसका कर्ज़ उतार रही हूँ ।*
*जब तक कर्ज़ की रकम पूरी नहीं हो जाती तब तक यहीं रहना होगा ।"*

*🔷 चोर ने जब उन भैंसों की बातें सुनी तो होश उड़ गए और वहाँ बंधी भैंसों की ओर देखने लगा ।*

*वो समझ गया कि ​उधार चुकाना ही पड़ता है,​*

*​चाहे इस जन्म में या फिर अगले जन्म में उसे चुकाना ही होगा ।​*

*वह उल्टे पाँव सेठ के घर की ओर भागा और जो कर्ज़ उसने लिया था उसे फटाफट मुनीम को लौटाकर रजिस्टर से अपना नाम कटवा लिया ।*

🐘🐫🐪🐅🐆🦍🐂

*🔶 ​हम सब इस दुनिया में इसलिए आते हैं​*

*​क्योंकि हमें किसी से लेना होता है तो किसी का देना होता है ।​*

*इस तरह से प्रत्येक को कुछ न कुछ लेने देने के हिसाब चुकाने होते हैं ।*

*इस कर्ज़ का हिसाब चुकता करने के लिए इस दुनिया में कोई बेटा बनकर आता है*
*तो कोई बेटी बनकर आती है,*
*कोई पिता बनकर आता है,*
*तो कोई माँ बनकर आती है*
*कोई पति बनकर आता है,*
*तो कोई पत्नी बनकर आती है*,
*कोई प्रेमी बनकर आता है*,
*तो कोई प्रेमिका बनकर आती है,*
*कोई मित्र बनकर आता है,*
*तो कोई शत्रु बनकर आता है,*
*कोई पढ़ोसी बनकर आता है तो* *कोई रिश्तेदार बनकर आता है ।*

*चाहे दुःख हो या सुख हिसाब तो* *सबको देना ही पड़ता हैं ।*
ये प्रकृति का नियम है ​कर्मों का हिसाब देना पड़ता है 

🙏😊🙏


🌹👌🏻 प्रकाश महाराज 👌🏻🌹

Sunday, July 7, 2019

आपकी शक्तियाँ

आपकी शक्तियाँ अज्ञात हैं। सहज और शांत होकर अपने अन्दर छिपी हुई शक्तियों को पहचाना जा सकता है।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Thursday, April 4, 2019

अपने सर्वश्रेष्ठ

अपने सर्वश्रेष्ठ सनय को जानें और उसका उपयोग करें ।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

Monday, March 18, 2019

भय ,डर,चिंता से डरना नहीं

जो आपने अपने जीवन में सीखापुस्तकों से सीखागुरुओं से सीखा

 उसको निरन्तर दोहराओ जिससे ञान आपके काम आ सके।

भय ,डर,चिंता से डरना नहीं उससे भागो मत् ,भय का मज़ाक उड़ाना सीखो ! 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज    

Saturday, January 5, 2019

अभ्यास से

अभ्यास से ही आदत बनती है। अच्छाई का अभ्यास लगातार करते जाइए वह आदत बन जाएगी।

 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज